उत्तराखंड हैं धरती
में कुछ ख़ास,
ईसी लिए यहाँ
सभी देवी देवतावों
का वास
यही वैतरणी, बूटी संजीवनी
...... स्वर्ग
भी है यहाँ से पास,
औषधी है यहाँ
की हर पत्ता
और घास
नर नारायण, कुबेर पर्वत..
यही हैं सत्तोपन्त
और वसू धारा
ब्रह्माजी ने बुद्धि
लगाई, विश्वकर्मा जी
चित्रकारा...
जैसे बसा हो
ब्रह्माण्ड सारा, ऐसा
उत्तराखंड हमारा
मंदाकनी, भागीरथी... यही से बहत्ती गंगा
जी की धारा...
जागॆश्वर, बागेश्वर, पाताल भुवनेश्वर
, सरयूजी का किनारा
भारत में उत्तराखंड
हैं सब से प्यारा,
यही भागवत लिखा,
लिखने वाले थे भगवान व्यास
,
उत्तराखंड
की महिमा सिर्फ
मैं नहीं कहता, कहते
हैं वेद , पुराण
और इतिहास
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