मैंने उसका भजन
क्यों नहीं गाया !
जिसकी कृपा से
मानव तन पाया
!
जिसका सदा रहा
मुझपर साया !
जो माँगा वो
मैंने पाया !
फिर भी भजन
कभी नहीं गाया !
करता रहा मैं अपना
पराया !
जिसकी कृपा से
मिली है माया !
फिर भी भजन
उसका ना गाया !
उसका ख्याल क्यों
ना आया !
खाली था मैं,
क्या था लाया !
उसकी धरती से
है खाया !
तभी बनी मेरी
यह काया !
फिर भी भजन
उसका ना गाया !
जिसकी सदा रही
मुझ पर छाया !
एक प्रभु ने
सब को बनाया !
सभी यहाँ पर
चाचा ताया !
हे ईश्वर !!! ये तेरी माया !
जब मुझे समझ
यह आया !
तब मैं तेरी
शरण में आया !
धन्यवाद !! आशा करता हूँ आपको जरूर पसंद आएगी।
धन्यवाद !! आशा करता हूँ आपको जरूर पसंद आएगी।
So nice.....
ReplyDeleteToo gud
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