Friday, 17 June 2016

मैंने उसका भजन क्यों नहीं गाया

मैंने उसका भजन क्यों नहीं गाया !
जिसकी कृपा से मानव तन पाया !
जिसका सदा रहा मुझपर साया !
जो माँगा वो मैंने पाया ! 
फिर भी भजन कभी नहीं गाया !
करता रहा मैं  अपना पराया !
जिसकी कृपा से मिली है माया !
फिर भी भजन उसका ना गाया !
उसका ख्याल क्यों ना आया !
खाली था मैं, क्या था लाया !
उसकी धरती से है खाया !
तभी बनी मेरी यह काया !
फिर भी भजन उसका ना गाया !
जिसकी सदा रही मुझ पर छाया !
एक प्रभु ने सब को बनाया !
सभी यहाँ पर चाचा ताया !
हे ईश्वर !!! ये तेरी माया !
जब मुझे समझ यह आया !
तब मैं तेरी शरण में आया !

धन्यवाद !! आशा करता हूँ आपको जरूर पसंद आएगी। 


4 comments: